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Friday, 12 February 2021

देश में 4 NIV की घोषणा:नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के लिए पीजीआई करेगा दावेदारी

 


  • दावा मजबूत इसलिए- कोरोना काल में प्रदेश के 11 जिलों के 4,12,641 से ज्यादा सैंपल के टेस्ट पीजीआई में हुए !
  • जरूरत इसलिए- गंभीर श्रेणी के वायरस की जांच के लिए सभी सैंपल अभी दिल्ली और पुणे की लैब भेजने पड़ते हैं !

केंद्रीय बजट 2021 में हेल्थ सेक्टर में केंद्र सरकार की ओर से देश भर में 4 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी बनाए जाने की घोषणा हुई है। आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना में इन वॉयरोलॉजी लैब को शामिल किया जाएगा। रोहतक पीजीआई इनमें से एक लैब पर अपना दावा पेश करने जा रहा है। इसके लिए जल्द ही एक प्रस्ताव बना राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।

राज्य सरकार इसे केंद्र के पास भेजेगी। पीजीआई रोहतक का ये दावा कमजोर भी नहीं है। कोरोना महामारी के दौर में पीजीआईमें कोविड टेस्टिंग की सुविधा की क्षमता और को-वैक्सीन के ट्रॉयल रिजल्ट को देखते हुए पीजीआई रोहतक इस दौड़ में सबसे आगे भी दिख रहा है।

अभी देश में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी लैब केवल पुणे में ही है। पीजीआई डायरेक्टर डॉ. रोहताश यादव का कहना है कि पीजीआई की वीआरडीएल लैब में आठ से 10 जिलों से आने वाले कोरोना सैंपल टेस्टिंग कर संक्रमित मरीजों का पता लगाया। वर्तमान में पीजीआई की वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी जिलों से आने वाले कोरोना सैंपल की टेस्टिंग का काम एक्सपर्ट की टीम कर रही है। संस्थान में वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों और पर्याप्त स्थान को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से चार में से एक नेशनल वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट का आवंटन होने की पूरी उम्मीद है।

संक्रामक बीमारियों के इलाज के लिए अलग से विभाग और अस्पताल भी बनेगा, ‌‌30 करोड़ बजट का अनुमान

लैब का दर्जा मिला तो टेस्टिंग- रिसर्च जैसी सुविधाएं होंगी उपलब्ध

कोरोना महामारी को देखते हुए देश में खुले वाले चार इंस्टीट्यूट में भविष्य में आने वाली महामारी का पता लगाने के लिए टेस्टिंग, रिसर्च जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ऐसे में पंडित बीडी शर्मा हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी और पीजीआई प्रशासन ने संस्थान में संचालित वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर एक वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट आवंटन के लिए दावेदारी करने का फैसला लिया है। पीजीआई निदेशक डॉ. रोहतास यादव का दावा है कि वो प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार के जरिए केंद्र को भेजेंगे।

इंस्टीट्यूट स्थापित होने के बाद सैंपल टेस्ट के लिए पुणे लैब में नहीं भेजने होंगे: पीजीआई निदेशक डॉ. रोहतास यादव बताते हैं कि सरकार की ओर से यदि पीजीआई में इंस्टीट्यूट संचालन की मंजूरी मिलती है तो पूरे हरियाणा और आसपास के राज्यों से कोरोना जैसे अन्य कई वायरस का पता लगाने के लिए पुणे और दिल्ली की लैब में सैंपल नहीं भेजने पड़ेंगे। रिसर्च और संक्रमण की डायग्नोसिस भी कर सकेंगे। एक इंस्टीट्यूट स्थापित होने में औसतन 30 करोड़ की लागत आएगी।

वायरोलॉजी लैब की क्या है अहमियत ऐसे समझें

बीएसएल-2: पीजीआई की वीआरडीएल लैब को बायो सेफ्टी लेवल-2 का दर्जा है। लैब में वायरस, फंगस, बैक्टीरिया, हेपेटाइटिस बी व सी और स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की जाती है।

बीएसएल-3: यहां दूसरे देशों से आए या फिर नए पैथोजन पर काम होता है। लैब में यलो फीवर, वेस्ट नाइल वायरस और टीबी के बैक्टीरिया भी पलते हैं। हमारे देश में भारतीय वायरोलॉजी संस्थान पुणे इसी श्रेणी का है।

अभी हमारी लैब को बीएसएल-2 का दर्जा, अब भी 3 जिलों के सैंपल जांच रहे

अधिकारी बताते हैं कि कोरोना काल के 11 माह में पीजीआई की वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में प्रदेश के 50% जिलों से आए 4,12,641 से ज्यादा लोगों के कोरोना सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। अब भी 3 जिलों के सैंपल जांच यहीं होती है। लैब को बीएसएल-2 का दर्जा प्राप्त है।

तीन रियल टाइम पीसीआर मशीन, दो हजार सैंपल टेस्ट की क्षमता: पीजीआई की वायरोलॉजी लैब में रोजाना औसतन 2000 सैंपल टेस्टिंग की क्षमता है। यहां 3 रियल टाइम पीसीआर मशीन उपलब्ध हैं। 24 घंटे में 2000 ज्यादा सैंपल टेस्ट करने की लैब के पास क्षमता है।

 

 

Friday, 22 May 2020

कोरोना के संक्रमण को रोकने और शारीरिक क्षमता तथा दक्षता बढाने में आयुर्वेदिक पद्घति बहुत ही फायदेमंद-- आयुर्वेद में समाहित औषधियों के सेवन और विधी को लेकर समुचे प्रदेश में लोगों को जागरूक कर रहे हैं, आयुष विभाग के प्रचार वाहन-वसभी जिलों में आयुर्वेद पद्घति पर आधारित साहित्य किया जा रहा है वितरित:- गृह, स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री अनिल विज।

कोरोना के संक्रमण को रोकने और शारीरिक क्षमता तथा दक्षता बढाने में आयुर्वेदिक पद्घति बहुत ही फायदेमंद-- आयुर्वेद में समाहित औषधियों के सेवन और विधी को लेकर समुचे प्रदेश में लोगों को जागरूक कर रहे हैं, आयुष विभाग के प्रचार वाहन-वसभी जिलों में आयुर्वेद पद्घति पर आधारित साहित्य किया जा रहा है वितरित:- गृह, स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री  अनिल विज।
--हरियाणा के गृह, स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी के शास्त्री नगर से आयुष विभाग के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
अम्बाला में कोरोना के संक्रमण को रोकने और शारीरिक क्षमता और दक्षता बढ़ाने में आयुर्वेदिक पद्घति बहुत ही फायदेमंद है। आयुर्वेद में सम्माहित औषधियां कोरोना से लडऩे में मदद करती हैं तथा शारीरिक ताकत को बढ़ाने का काम करती है। समूचे हरियाणा प्रदेश में आयुर्वेदिक पद्घति का प्रचार और प्रसार जारी है। प्रदेश के सभी जिलों में लाखों की संख्या में पम्फलेट और प्रचार साहित्य वितरित किया जा रहा है। यह जानकारी हरियाणा के गृह, स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री अनिल विज ने अम्बाला छावनी के शास्त्री कालोनी से आयुष विभाग द्वारा तैयार प्रचार वाहन को झंडी देने उपरांत दी। उन्होंने कहा कि बदलते परिवेश में आयुर्वेद पद्घति का महत्व बढ़ा है। हमें पद्घति को अंगीकृत करते हुए इसका लाभ उठाने की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि समूचा विश्व कोरोना माहामारी से जूझ रहा है और हम भी इससे अछूते नही हैं। सरकार द्वारा हर तरीके से कोरोना के संक्रमण को रोकने के प्रयास जारी हैं। इसमें हमें आशातीत सफलता भी मिल रही है। जरूरत इस बात की है कि लोग सरकार द्वारा जारी निर्देशों की पालना के तहत सामाजिक दूरी बनाएं रखें, मास्क इत्यादि का प्रयोग करें, हैंड सैनिटाइजर व साबुन से हाथ साफ करते रहें। आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा बताई गई औषधियों का भी उनकी सलाह से प्रयोग करते रहें ताकि शरीर की क्षमता और मजबूत हो सके।
इस अवसर पर डा0 सतपाल जिला आयुर्वेदिक अधिकारी अम्बाला ने बताया कि इस अभियान में जागृति वाहन के साथ -साथ एक लाख पैम्पफलेट का भी वितरण किया जा रहा है जिनमें आयुष मंत्रालय के द्वारा सुझायें गए तरीकों को अपनाने बारें विस्तार से बताया गया है। यह प्रचार वाहन जिले के सभी ब्लॉक व गांव - गांव में जाकर आम जनता को कोविड से बचाव के लिए जागृत करेगा। उन्होने बताया कि विभिन्न विभागों के जरुरी सेवाओं में जुटे कोरोना योद्वाओं की इम्यूनिटी पावर(रोग प्रतिरोधक क्षमता) बढाने को आयुष मंत्रालय द्वारा चुनी गई आयुर्वेदिक औषधियों जैसे गुढुची घन वटी, शमसनी वटी, अनु तेल बांटी गई। इसमें मुख्यत: पंचायती राज विभाग के कर्मचारी, पुलिस विभाग के कर्मचारी, नगर निगम के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी तथा वृद्वाश्रमों में रहने वाले वृद्व लोगों सहित लगभग 18000 कोरोना योद्वाओ को ये दवाईयां बांटी गई।          
      जिला आयुर्वेद अधिकारी ने बताया कि आयुष विभाग के चिकित्सक डॉ0 गौरव गर्ग, डॉ मिनाक्षी, डॉ0 राजेश, अम्बाला शहर सामान्य अस्पताल में एंव डॉ0 शैफ ाली, डॉ0 अपनदीप व डॉ0 ताहिरा बेगम अम्बाला कैन्ट सामान्य अस्पताल में कोविड 19 फ ल्यू ओ0पी0डी0 में अपनी सेवांए दे रहे है एंव अन्य एन0एच0एम0 आयुष विभाग के अन्तर्गत कार्यरत सभी आयुर्वेदिक एंव हॉम्योपैथिक चिकित्सक अधिकारी अपने अपने केन्द्रो पर एंव विभिन्न मोबाईल टीमो द्वारा अपनी सेवांए दे रहे है।
इस अवसर पर डा0 दर्शन कुमार, डा0 सतपाल, डा0 गौरव व श्री जय भगवान आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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