Friday, 12 February 2021

गर्मी से पहले जल संकट:अब दो दिन देरी से आएगा जेएलएन में पानी, जलघर टैंक में 20%भी नहीं बचा

 

  • पेयजल सप्लाई में एक समय की कटौती झेल रहे शहर के लिए दूसरी मुसीबत !
  • पब्लिक हेल्थ ने 200 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की डिमांड भेजी! 

 

साल 2021 की शुरूआत से ही पेयजल संकट का सामना कर रहे शहर को अभी इस स्थिति से राहत नहीं मिलने वाली है। हालात यहां तक पहुंच चुके हैं कि अगर 17 फरवरी को जेएलएन में तय शेड्यूल से एक दिन भी देरी से पानी पहुंचा तो शहर की पेयजल सप्लाई ठप हो जाएगी। हालांकि शहर के आधे से ज्यादा इलाकों में पहले से ही एक समय सप्लाई की कटौती चल रही है। इसमें भी टाइम कम करने की तैयारी है। अब जलघरों में पानी का लेवल कम होने से स्थिति यहां तक पहुंच चुकी है अब गुरुवार को पब्लिक हेल्थ विभाग ने सिंचाई विभाग को खुबड़ू हेड से 200 क्यूसेक अतिरिक्त नहरी पानी छोड़ने की डिमांड भेजी है !

  • यह निर्णय 14 फरवरी की बजाए दो दिन विलंब से 17 फरवरी को जेएलएन नहर में पानी आने की सूचना के बाद अधिकारियों ने लिया है। अभी सिंचाई विभाग की ओर से पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा भेजी डिमांड पर कोई जवाब नहीं मिला है।

    कन्हैली हेड पर पाउंडिग की इजाजत न मिलने से जलघरों के टैंक नहीं भर पाए

    14 तक अतिरिक्त पानी नहीं मिला तो रोज 15 मिनट की और कटौती

    पब्लिक हेल्थ विभाग के जेई अमित रोहिल्ला ने बताया कि यदि 14 फरवरी तक अतिरिक्त पानी नहीं मिला तो 15 फरवरी से सुबह की जा रही 50 मिनट की सप्लाई में 15 मिनट की कटौती मजबूरी होगी। दूसरी ओर, जेएलएन में मरम्मत कार्य चल रहा है। पब्लिक हेल्थ को कन्हेली हेड पर पाउंडिंग से सिंचाई विभाग ने मना कर दिया था। इससे सोनीपत रोड व झज्जर रोड जलघर के टैंकों को नहीं भरा जा सका। 17 को भी जेएलएन में पानी देरी से पहुंचा तो सप्लाई ठप होने का खतरा है।

     

    1.सोनीपतरोड स्थित प्रथम जलघर: क्षमता 18 एमएलडी है। इससे 2 करोड़ 45 लाख लीटर पानी प्रतिदिन सप्लाई होता है।

    2.झज्जररोड स्थित द्वितीय जलघर: क्षमता 35 एमएलडी है। इससे 2 करोड़ 70 लाख लीटर प्रतिदिन पानी सप्लाई होता है।

    3.बोहर बाईपास स्थित तृतीय जलघर: क्षमता 28 एमएलडी है। इससे 2 करोड़ 20 लाख लीटर पानी सप्लाई होता है।

    4.देवकालोनी स्थित चतुर्थ जलघर: क्षमता 10 एमएलडी है। इससे 1 करोड़ लीटर पानी की रोज सप्लाई की जाती है।

    100 क्यूसेक नहरी पानी से भी मुश्किल होगी आसान

    निर्धारित शेड्यूल से दो दिन देरी से जेएलएन में पानी आने की सूचना है। सिंचाई विभाग को डिमांड भेजी गई है। इस विपरीत हालात में 100 क्यूसेक पानी मिलने से भी जल संकट टाला जा सकता है।
    -भानु प्रकाश शर्मा, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ विभाग।

     

     

देश में 4 NIV की घोषणा:नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के लिए पीजीआई करेगा दावेदारी

 


  • दावा मजबूत इसलिए- कोरोना काल में प्रदेश के 11 जिलों के 4,12,641 से ज्यादा सैंपल के टेस्ट पीजीआई में हुए !
  • जरूरत इसलिए- गंभीर श्रेणी के वायरस की जांच के लिए सभी सैंपल अभी दिल्ली और पुणे की लैब भेजने पड़ते हैं !

केंद्रीय बजट 2021 में हेल्थ सेक्टर में केंद्र सरकार की ओर से देश भर में 4 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी बनाए जाने की घोषणा हुई है। आत्मनिर्भर स्वास्थ्य योजना में इन वॉयरोलॉजी लैब को शामिल किया जाएगा। रोहतक पीजीआई इनमें से एक लैब पर अपना दावा पेश करने जा रहा है। इसके लिए जल्द ही एक प्रस्ताव बना राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा।

राज्य सरकार इसे केंद्र के पास भेजेगी। पीजीआई रोहतक का ये दावा कमजोर भी नहीं है। कोरोना महामारी के दौर में पीजीआईमें कोविड टेस्टिंग की सुविधा की क्षमता और को-वैक्सीन के ट्रॉयल रिजल्ट को देखते हुए पीजीआई रोहतक इस दौड़ में सबसे आगे भी दिख रहा है।

अभी देश में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी लैब केवल पुणे में ही है। पीजीआई डायरेक्टर डॉ. रोहताश यादव का कहना है कि पीजीआई की वीआरडीएल लैब में आठ से 10 जिलों से आने वाले कोरोना सैंपल टेस्टिंग कर संक्रमित मरीजों का पता लगाया। वर्तमान में पीजीआई की वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में रोहतक, झज्जर, चरखी दादरी जिलों से आने वाले कोरोना सैंपल की टेस्टिंग का काम एक्सपर्ट की टीम कर रही है। संस्थान में वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों और पर्याप्त स्थान को देखते हुए केंद्र सरकार की ओर से चार में से एक नेशनल वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट का आवंटन होने की पूरी उम्मीद है।

संक्रामक बीमारियों के इलाज के लिए अलग से विभाग और अस्पताल भी बनेगा, ‌‌30 करोड़ बजट का अनुमान

लैब का दर्जा मिला तो टेस्टिंग- रिसर्च जैसी सुविधाएं होंगी उपलब्ध

कोरोना महामारी को देखते हुए देश में खुले वाले चार इंस्टीट्यूट में भविष्य में आने वाली महामारी का पता लगाने के लिए टेस्टिंग, रिसर्च जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ऐसे में पंडित बीडी शर्मा हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी और पीजीआई प्रशासन ने संस्थान में संचालित वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर एक वायरोलॉजी इंस्टीट्यूट आवंटन के लिए दावेदारी करने का फैसला लिया है। पीजीआई निदेशक डॉ. रोहतास यादव का दावा है कि वो प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार के जरिए केंद्र को भेजेंगे।

इंस्टीट्यूट स्थापित होने के बाद सैंपल टेस्ट के लिए पुणे लैब में नहीं भेजने होंगे: पीजीआई निदेशक डॉ. रोहतास यादव बताते हैं कि सरकार की ओर से यदि पीजीआई में इंस्टीट्यूट संचालन की मंजूरी मिलती है तो पूरे हरियाणा और आसपास के राज्यों से कोरोना जैसे अन्य कई वायरस का पता लगाने के लिए पुणे और दिल्ली की लैब में सैंपल नहीं भेजने पड़ेंगे। रिसर्च और संक्रमण की डायग्नोसिस भी कर सकेंगे। एक इंस्टीट्यूट स्थापित होने में औसतन 30 करोड़ की लागत आएगी।

वायरोलॉजी लैब की क्या है अहमियत ऐसे समझें

बीएसएल-2: पीजीआई की वीआरडीएल लैब को बायो सेफ्टी लेवल-2 का दर्जा है। लैब में वायरस, फंगस, बैक्टीरिया, हेपेटाइटिस बी व सी और स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की जाती है।

बीएसएल-3: यहां दूसरे देशों से आए या फिर नए पैथोजन पर काम होता है। लैब में यलो फीवर, वेस्ट नाइल वायरस और टीबी के बैक्टीरिया भी पलते हैं। हमारे देश में भारतीय वायरोलॉजी संस्थान पुणे इसी श्रेणी का है।

अभी हमारी लैब को बीएसएल-2 का दर्जा, अब भी 3 जिलों के सैंपल जांच रहे

अधिकारी बताते हैं कि कोरोना काल के 11 माह में पीजीआई की वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब में प्रदेश के 50% जिलों से आए 4,12,641 से ज्यादा लोगों के कोरोना सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। अब भी 3 जिलों के सैंपल जांच यहीं होती है। लैब को बीएसएल-2 का दर्जा प्राप्त है।

तीन रियल टाइम पीसीआर मशीन, दो हजार सैंपल टेस्ट की क्षमता: पीजीआई की वायरोलॉजी लैब में रोजाना औसतन 2000 सैंपल टेस्टिंग की क्षमता है। यहां 3 रियल टाइम पीसीआर मशीन उपलब्ध हैं। 24 घंटे में 2000 ज्यादा सैंपल टेस्ट करने की लैब के पास क्षमता है।

 

 

5 दिवसीय NCC कैंप:एयरविंग कैडेटों को दी गई ऑब्सटैकल ट्रेनिंग, 12. बोर और राइफल ड्रिल व घुड़सवारी का प्रशिक्षण भी दिया गया

 


  • सैनिक स्कूल कुंजपुरा करनाल में लगाए गए कैंप का समापन 12 फरवरी को होगा
  • NCC-B, C सर्टिफिकेट की परीक्षा में बैठने के लिए अनिवार्य है एक कैंप लगाना

नंबर-2 हरियाणा NCC एयर स्क्वाड्रन करनाल द्वारा लगाए जा रहे 5 दिवसीय NCC कैंप के चौथे दिन कैडेटों को ऑब्सटैकल ट्रेनिंग दी गई। इसके तहत कैडेटों को राइफल ड्रिल और सलामी शस्त्र के बारे में बताया गया।

कैंप एडजुटेंट सार्जेंट VK तिवारी ने बताया कि राइफल ड्रिल और सलामी शस्त्र का प्रशिक्षण कॉर्पोरल अनुज नेगी, कॉर्पोरल PK सिंह, अमरजीत व GTI मुकेश दे रहे हैं। आर्मी फिजिकल ट्रेनिंग कोर से मुकेश ने कैडेटों को ऑब्सटैकल ट्रेनिंग दी। हॉर्स राइडिंग इंस्ट्रक्टर राजकुमार शर्मा हैं। एरोमॉडलिंग इंस्ट्रक्टर जगदीप कपिल द्वारा कैंप के सफल आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

 


बता दें कि NCC कैंप 8 फरवरी से चल रहा है और 12 फरवरी को इसका समापन होगा। सैनिक स्कूल कुंजपुरा करनाल में कैंप लगाया गया है। कैंप कमांडेंट एवं कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर पवन गोयल ने कैंप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैंप में कुल 117 NCC कैडेट हिस्सा ले रहे हैं।

पंडित चिरंजी लाल शर्मा राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-14 करनाल के NCC एयरविंग अधिकारी फ़्लाइंग ऑफिसर सुरेश दुग्गल, दयाल सिंह कॉलेज से ANO फ़्लाइंग ऑफिसर पवन शर्मा और डॉ. दीप्ती शर्मा केयर टेकर DAV गर्ल्स कॉलेज करनाल के नेतृत्व में कैंप लग रहा है।

विंग कमांडर पवन गोयल ने बताया कि NCC-B, C सर्टिफिकेट के लिए परीक्षा में बैठने हेतु कैडेट के लिए प्रति वर्ष एक कैंप ज्वॉइन करना अनिवार्य है। परीक्षा का आयोजन अगले महीने किया जाना है। इसके मद्देनजर यह कैंप लगाया गया है। क्योंकि कोरोना महामारी का असर NCC ट्रेनिंग पर पड़ा, इसलिए अब मौका मिलते ही यह कैंप लगाया गया है और कैडेट इस कैंप में बड़े जोश के साथ भाग ले रहे हैं।

कैंप में कैडेटों को हर तरह की जरुरी ट्रेनिंग जैसे ड्रिल, .22 फायरिंग, 12 बोर स्कीट शूटिंग, टेंट पिचिंग, सब्जेक्ट स्पेशल की थ्योरी क्लास, ऑब्सटैकल ट्रेनिंग, घुड़सवारी इत्यादि ट्रेनिंग दी जा रही हैं। इनके अलावा डिबेट, डिस्कशन, सिंगिंग डांस आदि सांस्कृतिक गतिविधियां भी कराई जा रही हैं। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं भी कराई जा रही हैं, ताकि कैडेटों को अपनी क्षमताओं का ज्ञान हो।

 

 

 

पापमोचिनी एकादशी की यहां पढ़ें पावन व्रत कथा, च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी और अप्सरा से जुड़ी है कहानी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत रखने से सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, च...