Sunday, 28 June 2020

भारतीय डाक विभाग में 4166 पदों पर निकली भर्तियां, इस तरह करें आवेदन.

भारतीय डाक विभाग में 4166 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसमें10वीं पास भी कर सकते हैं आवेदन। चूंकि पोस्टल डिपार्टमेंट में देश के कई राज्यों के लिए भर्तियां हो रही हैं। इसके लिए दसवीं पास कोई भी कैंडीडेट ऑफिशियल वेबसाइट – appost.in – पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। अप्लाई कर सकता है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 7 जुलाई, 2020 है।

पद का नाम -ग्रामीण डाक सेवक है।
पदों की संख्या (Number of Post)

दरअसल इंडिया पोस्ट ने उत्तराखंड, हरियाणा और मध्य प्रदेश सर्किल के लिए ग्रामीण डाक सेवक यानी जीडीएस के लिए 4166 वैकेंसी निकाली है। इनमें से 2834 वैकेंसी एमपी के लिए, 724 उत्तराखंड पोस्टल सर्किल के लिए और बची हुई 608 हरियाणा पोस्टल सर्किल के लिए है।

आयुसीमा (Age Limit)

कैंडीडेट की उम्र 8 जून 2020 को 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हालांकि, रिजर्वेशन नियम के अनुसार एससी एसटी कैंडीडेट को आयुसीमा में 5 साल का जबकि ओबीसी कैंडीडेट को 3 साल की छूट मिलेगी

शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)

कैंडीडेट को किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से दसवीं पास होना जरूरी है। इसमें भी जिसने पहली बार में ही दसवीं बोर्ड की परीक्षा पास की होगी उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा कैंडीडेट को स्थानीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए।

कैसे करें अप्लाई

सबसे पहले कैंडीडेट को अपने सर्किल में जिसके लिए अप्लाई करना चाहता है उसके लिए रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद एक यूनीक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा। इसके बाद कैंडीडेट को शुल्क अदा करना होगा। फीस पेमेंट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में किया जा सकता है।

ज्यादा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें.

Sunday, 21 June 2020

ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा पर इस साल रहेगी रोक, हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड के सीएम ने लिया फैसला.

कोरोना वायरस महामारी का असर इस बार कांवड़ यात्रा पर भी पड़ा है। शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कांवड़ यात्रा पर बातचीत हुई। तीनों राज्यों ने तय किया गया कि शिवभक्तों की सुरक्षा प्राथमिकता में है। इसलिए कांवड यात्रा पर इस बार रोक रहेगी।
वहीं राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत कर सहमति ली जाएगी। इस बार शिवभक्त स्थानीय स्तर पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जलाभिषेक कर सकते हैं।

दिल्ली, हरियाणा, यूपी आदि राज्यों से लाखों की संख्या में शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार जाते हैं। जो पैदल या अन्य संसाधनों से गंतव्य के लिए रवाना होते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर में कांवड़ संघ बड़ा आयोजन करता है। मेरठ जोन के आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि कांवड़ संगठनों ने सूचना दी थी कि इस साल कोरोना महामारी और सरकार के दिशा निर्देशों के चलते कोई यात्रा नहीं करेंगे। घर पर ही त्योहार मनाया जाएगा।

मेरठ की कांवड़ समितियों ने यात्रा नहीं निकाले जाने का अनुरोध किया था। उन्होंने इस संबंध में शासन को पत्र लिखा था। यूपी और उत्तराखंड सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजी गई थी। कांवड़ संघ और संतों ने भी कांवड़ यात्रा स्थगित का प्रस्ताव दिया था!

बता दे उत्तराखंड के सीएम रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा की। रावत ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यात्रा पर गंभीरता से विचार करने को कहा था। उन्होंने कहा कि कांवड़ संघों और संत महात्माओं ने भी इस बार कांवड़ यात्रा स्थगित करने का प्रस्ताव दिया था। इसलिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ कांवड़ यात्रा के संबंध में विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में तय हुआ कि कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है कि लोगों की भीड़ इकट्ठी न होने पाए। हालांकि, स्थानीय स्तर पर निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करते हुए लोग जलाभिषेक कर सकते हैं। जल्द ही इस सबंध में राजस्थान, दिल्ली और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी चर्चा होगी।

सूर्य ग्रहण के बाद क्या क्या करें ??

जैसा की आप सभी जानते हैं कि अबसे कुछ समय में सूर्य ग्रहण समाप्त होने वाला है एसे में बहुत से लोगों के मन में यह प्रश्न आता है कि सूर्य ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए ? आइए इस प्रश्न का समाधान जानने का प्रयास करते हैं ।
ग्रहणकाल के बाद क्या-क्या करें ?

१.सूर्य ग्रहण के समाप्त होने के बाद स्नान करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के बाद गंगा या किसी पावन नदी में स्नान करना चाहिए। परंतु इस समय कोरोना वायरस के कारण घर से बाहर निकलना सुरक्षित नहीं, इसलिए घर में ही गंगा मां और सभी पावन नदियों का ध्यान कर स्नान कर लें।

२.ग्रहणकाल में स्पर्श किए हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी पहने हुए वस्त्र सहित स्नान करना चाहिए ।

३. आसन, गोमुखी व मंदिर में बिछा हुआ कपड़ा भी धो दें ।

४. सूर्य ग्रहण के बाद पूरे घर में दूषित ओरा के शुद्धिकरण हेतु गंगा जल का छिड़काव करना चाहिए। सूर्य ग्रहण के समय घर में नकारात्मकता आ सकती है जिसे दूर करने के लिए घर में गंगा जल का छिड़काव करना चाहिए। अगर घर में गंगा जल उपलब्ध नहीं है तो आप घर में गोमूत्र का छिड़काव भी कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गोमूत्र का छिड़काव करने से नकारात्मकता दूर होती है।

५. ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए । 

६. ग्रहण के बाद स्नान करके खाद्य वस्तुओं में डाले गये कुश एवं तुलसी को निकाल देना चाहिए ।

७. सूर्य या चन्द्र जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए ।

८.सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद देवी- देवताओं को स्नान अवश्य कराएं। भगवान को स्नान कराने वाले जल में गंगा जल मिलाकर भगवान को स्नान कराएं। अगर घर में गंगा जल नहीं है तो मां गंगा का ध्यान करने के बाद देवी-देवताओं को स्नान कराएं।

९.सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद दान करने का बहुत महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दान करने से कई गुना फल की प्राप्ति होती है। गाय को रोटी खिलाने से भी पुण्य मिलता है। 

१०. घर की अन्नपूरणा के लिए संपूर्ण शुद्धिकरण के बाद ही रसोई घर में प्रवेश करें। वहां रखी सभी चीजों पर भी पवित्रीकरण मंत्र बोलते हुए जल छिड़कें। सूर्य ग्रहण के बाद पूरी शुद्धता के साथ भोजन बनाएं और ब्राह्मणों को खिलाएं या दान करें। इससे पुण्य मिलता है। घर के आंगन में तुलसी का पौधा है, तो उसे भी शुद्धिकरण के बाद जल चढ़ाएं। 

पवित्रीकरण मंत्र - 

ॐ अपवित्रः पवित्रो वा, सर्वावस्थांगतोऽपि वा।
यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥
ॐ पुनातु पुण्डरीकाक्षः पुनातु पुण्डरीकाक्षः पुनातु।

अंत में श्री हरि के चरणों में बस यही प्रार्थना है। 

सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः । 
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत् ॥ 

अर्थ - "सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें और किसी को भी दुःख का भागी न बनना पड़े।"

हरि चरणों का दास -सुनील कुमार मिश्रा 
चित्र -इंटरनेट से साभार 

🚩जय श्रीराम🚩

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