Monday, 10 January 2022

साल 2022 में पड़ेंगी इतनी एकादशी, जानें तिथि और एकादशी के नाम यहां

एकादशी व्रत बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस व्रत को रखने की मान्यता यह है कि इससे पितरों को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। स्कन्द पुराण में भी एकादशी व्रत के महत्व का उल्लेख मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं आने वाले साल 2022 में पड़ने वाली एकादशी और उनकी तिथियों के बारे में।  


हिंदू पंचांग की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहते हैं। प्रत्येक मास  में एकादशी दो बार आती है। एक शुक्ल पक्ष की एकादशी कहलाती है और दूसरी कृष्ण पक्ष की। पूर्णिमा के बाद आने वाली एकादशी को कृष्ण पक्ष की एकादशी और अमावस्या के बाद आने वाली एकादशी को शुक्ल पक्ष की एकादशी कहते हैं।

एकादशी व्रत का महत्व 

एकादशी व्रत बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। इस व्रत को रखने की मान्यता यह है कि इससे पितरों को स्वर्ग की प्राप्ति होती है। स्कन्द पुराण में भी एकादशी व्रत के महत्व का उल्लेख मिलता है। जो भी व्यक्ति इस व्रत को रखता है उनके लिए एकादशी के दिन धान, मसाले और सब्जियां आदि का सेवन वर्जित होता है। भक्त एकादशी व्रत की तैयारी एक दिन पहले यानि कि दशमी से ही शुरू कर देते हैं। दशमी के दिन श्रद्धालु प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान करते हैं और इस दिन वे बिना नमक का भोजन ग्रहण करते हैं। एकादशी व्रत करने का नियम बहुत ही सख्त होता है जिसमें व्रत करने वाले को एकादशी तिथि के पहले सूर्यास्त से लेकर एकादशी के अगले सूर्योदय तक उपवास रखना पड़ता है। ऐसे में आइए जानते हैं आने वाले साल 2022 में पड़ने वाली एकादशी और उनकी तिथियों के बारे में।

दिनांक दिन एकादशी
13 जनवरी गुरुवार पौष पुत्रदा एकादशी
28 जनवरी शुक्रवार षटतिला एकादशी
12 फरवरी शनिवार जया एकादशी
27 फरवरी रविवार विजया एकादशी
14 मार्च सोमवार आमलकी एकादशी
28 मार्च सोमवार पापमोचिनी एकादशी
12 अप्रैल मंगलवार कामदा एकादशी
26 अप्रैल मंगलवार वरुथिनी एकादशी
12 मई गुरुवार मोहिनी एकादशी
26 मई गुरुवार अपरा एकादशी
11 जून शनिवार निर्जला एकादशी
24 जून शुक्रवार योगिनी एकादशी
10 जुलाई रविवार देवशयनी एकादशी
24 जुलाई रविवार कामिका एकादशी
08 अगस्त सोमवार श्रावण पुत्रदा एकादशी
23 अगस्त मंगलवार अजा एकादशी
06 सितंबर मंगलवार परिवर्तिनी एकादशी
21 सितंबर बुधवार इन्दिरा एकादशी
06 अक्तूबर गुरुवार पापांकुशा एकादशी
21 अक्तूबर शुक्रवार रमा एकादशी
04 नवंबर शुक्रवार देवोत्थान एकादशी
20 नवंबर रविवार उत्पन्ना एकादशी
03 दिसंबर शनिवार मोक्षदा एकादशी
19 दिसंबर सोमवार सफला एकादशी
  

 

 

Sunday, 1 August 2021

नियमित करें हनुमान चालीसा का पाठ और पाएं बजरंगबली का आशीर्वाद

दोहा
 

श्रीगुरु चरन सरोज रज निजमनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि।।
 

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।



चौपाई :

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।

रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महाबीर बिक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।

कंचन बरन बिराज सुबेसा।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
कांधे मूंज जनेऊ साजै।

संकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग बन्दन।।

विद्यावान गुनी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
बिकट रूप धरि लंक जरावा।।

भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कबि कोबिद कहि सके कहां ते।।

तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र बिभीषन माना।
लंकेस्वर भए सब जग जाना।।

जुग सहस्र जोजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।

दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।

सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डर ना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।

भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिन के काज सकल तुम साजा।

और मनोरथ जो कोई लावै।
सोइ अमित जीवन फल पावै।।

चारों जुग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।

साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस बर दीन जानकी माता।।

राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को पावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।

अन्तकाल रघुबर पुर जाई।
जहां जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेइ सर्ब सुख करई।।

संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।

जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहि बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।

तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय मंह डेरा।।

दोहा :
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

 

ATM से पैसा निकालना आज से महंगा, छुट्टी के दिन भी आएगी सैलरी-पेंशन, जानें 1 अगस्त से क्या-क्या बदलेगा

अगस्त महीने से साप्ताहिक अवकाश या सरकारी छुट्टियों के दिन वेतन या पेंशन न आने का झंझट नहीं रहेगा. यानी अगर 30, 31 तारीख को अगर शनिवार-रविवार या फिर कोई घोषित अवकाश पड़ता है तो भी सैलरी, पेंशन खाते में आएगी.  लेकिन एटीएम से धन निकासी (Cash Withdrawal) पर ग्राहकों को ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी. जानिए 1 अगस्त यानी आज से किन नियमों ) में बदलाव आ रहा है, जिसका आप पर असर पड़ेगा. आईसीआईसीआई बैंक ने भी बैंकिंग शुल्कों में बढ़ोतरी कर दी है.


रिजर्व बैंक ने पिछले माह ऐलान किया था कि नेशमल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) की सेवाएं हफ्ते में हर दिन उपलब्ध रहेंगी. NACH एक पेमेंट सिस्टम है, जिसका संचालन नेशनल पेमेंट्स कारपोरेशन ऑफ इंडिया करता है. यह लाभांश, ब्याज, सैलरी और पेंशन ट्रांसफर का कामकाज देखती है. .यह गैस, बिजली, टेलीफोन, पानी जैसे बिलों के पेमेंट का कलेक्शन भी करती है. साथ ही लोन ईएमआई #Loan #EMI , म्यूचुअल फंड और बीमा प्रीमियम की किस्तों को इकट्ठा करने का काम भी करती है. 


ATM से धन निकासी महंगी होगी
1 अगस्त से एटीएम से धन निकासी महंगी हो जाएगी, क्योंकि एटीएम के जरिये एक बैंक से दूसरे बैंक के बीच वित्तीय लेनदेन पर लगने वाली इंटरचेंज फीस को आरबीआई ने 15 से बढ़ाकर 17 रुपये दिया है. आरबीआई ने यह फैसला जून में लिया था जो 1 अगस्त से लागू हो जाएगा. गैर वित्तीय लेनदेन के लिए भी फीस बढ़ाकर 5 से 6 रुपये कर दी गई है. इंटरचेंज फीस किसी बैंक खाताधारक द्वारा उसे मिले एटीएम कार्ड  दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करते वक्त लगती है.  

पोस्ट पेमेंट्स बैंक की सेवाएं भी महंगी
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक  ने भी उसकी डोरस्टेप डिलिवरी सेवाओं  का इस्तेमाल करने वालों के लिए शुल्क बढ़ा दिया है. पोस्ट पेमेंट्स बैंक अब हर बार इन सेवाओं के लिए 20 रुपये फीस (जीएसटी अतिरिक्त) लेगा. हालांकि डोरस्टेप सर्विस के लिए जब पोस्ट पेमेंट्स बैंक का कर्मी घर आएगा तो उपभोक्ता कई बार लेनदेन कर सकता है, लेकिन चार्ज एक बार का ही लगेगा.लेकिन एक जगह पर ही अगर कई उपभोक्ता अलग-अलग उसकी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो चार्ज अलग ही लगेगा.

ICICI बैंक ने ATM लेनदेन शुल्क बढ़ाया
आईसीआईसीआई बैंक ने भी घरेलू बचत खाताधारकों के लिए एटीएम लेनदेन का शुल्क और चेक बुक चार्ज  1 अगस्त से बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. बैंक डिपॉजिट और निकासी दोनों के लिए ही शुल्क में बदलाव किया गया है. अब सिर्फ चार बार ही मुफ्त लेनदेन एटीएम से हो सकेगा. बैंक की वेबसाइट के अनुसार, चार बार से ज्यादा नकद निकासी पर 150 रुपये का भारी भरकम शुल्क लगाया जाएगा. 

एसबीआई ने पहले ही बढ़ाया शुल्क
स्टेट बैंक  ऑफ़ इंडिया  ने 1 जुलाई से ही एटीएम से मुफ्त नकद निकासी की संख्या सीमित कर दी है. एसबीआई ने हर माह चार बार से ज्यादा एटीएम  या बैंक शाखा से नकद निकासी  पर शुल्क लगा दिया है. बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट के खाताधारकों को 1 जुलाई से चार बार से ज्यादा एटीएम या शाखा से नकद निकासी पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा. देश में करीब एक तिहाई बैंकिंग बचत खाताधारक एसबीआई के ही हैं. इन एसबीआई खाताधारकों को एक साल में चेकबुक  की 10 से ज्यादी लीव के इस्तेमाल पर भी अतिरिक्त शुल्क देना होगा.
 

 

पापमोचिनी एकादशी की यहां पढ़ें पावन व्रत कथा, च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी और अप्सरा से जुड़ी है कहानी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत रखने से सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, च...