Saturday, 31 July 2021

दिल्ली में लगभग 50 प्रतिशत आबादी को वैक्सीन की एक डोज लग चुकी है: अरविंद केजरीवाल

राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना टीकाकरण को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी। दिल्ली में कोरोना वायरस रोधी टीके लगाने की संख्या शनिवार को एक करोड़ से अधिक हो गई और महानगर में पात्र आबादी के 50 फीसदी को टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में आज तक एक करोड़ से ज़्यादा वैक्सीन लग चुकी हैं। ये एक करोड़ वैक्सीन 74 लाख लोगों को लगी हैं, 26 लाख लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज़ लगी हैं और बाकी लोगों को वैक्सीन की एक डोज़ लगी है। दिल्ली में लगभग 50 प्रतिशत आबादी को कोरोना वैक्सीन की एक डोज़ लग चुकी है।


 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब तक 74 लाख लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की एक करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है, इनमें से 26 लाख लोगों को दोनों खुराक लग चुकी हैं। दिल्ली में टीकाकरण के लिए योग्य 1.5 करोड़ लोगों में से 50 प्रतिशत को कम से कम एक खुराक लग चुकी है

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि महानगर में और टीके जल्द उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की आबादी करीब दो करोड़ है और उनमें से डेढ़ करोड़ लोग कोविड-19 का टीका लगवाने के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘डेढ़ करोड़ पात्र आबादी में से 74 लाख लोगों को टीका लग चुका है। इसलिए 50 फीसदी लोगों को कम से कम एक खुराक टीका दिया जा चुका है। इन 74 लाख लोगों में से 26 लाख को टीके की दोनों खुराक दी जा चुकी है।’’

 

बाबुल सुप्रियो ने राजनीति से संन्यास का ऐलान किया, फेसबुक पर लिखा 'अलविदा'

भारतीय जनता पार्टी के सांसद और मशहूर पार्श्व गायक बाबुल सुप्रियो ने राजनीति से संन्यास का ऐलान किया है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिए राजनीति से संन्यास का ऐलान किया है। उन्होंने राजनीति को गुडबाई कहने के साथ ही यह भी लिखा है कि वो किसी पार्टी में शामिल नहीं होंगे। वे न तो टीएमसी, न कांग्रेस और न ही सीपीएम में शामिल होंगे। बाबुल सुप्रियो पश्चिम बंगाल के आसनसोल से बीजेपी के सांसद हैं। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि बीजेपी मेरी पार्टी थी और मेरी पार्टी रहेगी। 

 

 उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि राजनीति में सिर्फ समाज सेवा के लिए आए थे और अब उन्होंने अपनी राह बदलने का फैसला लिया है। बाबुल सुप्रियो ने कहा है कि लोगों की सेवा करने के लिए राजनीति में रहने की जरूरत नहीं है। वे राजनीति से अलग होकर भी अपने उस उदेश्य को पूरा कर सकते हैं।

यह निर्णय आंशिक रूप से उन्होंने मंत्री पद जाने और भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के नेतृत्व के साथ मतभेदों के कारण लिया है। सुप्रियो, जिन्होंने 2014 से नरेंद्र मोदी सरकार में केन्द्रीय राज्य मंत्री (एमओएस) के रूप में कई विभागों को संभाला था, को इस महीने की शुरुआत में एक बड़े मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान हटा दिया गया था।

सुप्रियो ने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘‘जा रहा हूं अलविदा। अपने माता-पिता, पत्नी, दोस्तों से बात की और उनकी सलाह सुनने के बाद मैं कह रहा हूं कि मैं जा रहा हूं। मैं किसी अन्य पार्टी में नहीं जा रहा हूं - तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस, माकपा, कहीं नहीं। मैं पुष्टि कर रहा हूं कि किसी ने मुझे फोन नहीं किया है।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘मैं कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं एक टीम का खिलाड़ी हूं! हमेशा एक टीम मोहन बागान का समर्थन किया है - केवल एक पार्टी के साथ रहा हूं - भाजपा पश्चिम बंगाल। बस !! जा रहा हूं।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘मैं बहुत लंबे समय तक रहा हूं मैंने किसी की मदद की है, किसी को निराश किया है, यह लोगों को तय करना है। सामाजिक कार्यों में शामिल होने के लिए, आप किसी भी राजनीति में शामिल हुए भी बिना ऐसा कर सकते हैं।’’ आसनसोल से दो बार के सांसद सुप्रियो उन कई मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्हें सात जुलाई को एक बड़े फेरबदल के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद् से हटा दिया गया था।

पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के अरूप बिस्वास के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। सुप्रियो और देबाश्री चौधरी दोनों को मंत्री पद से हटा दिया गया था। पश्चिम बंगाल के चार अन्य सांसदों- निशित प्रमाणिक, शांतनु ठाकुर, सुभाष सरकार और जॉन बारला को मंत्रिपरिषद् में राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया गया। उन्होंने लिखा, ‘‘अगर कोई यह पूछे कि क्या राजनीति छोड़ना किसी तरह से मंत्रालय खोने से जुड़ा है। हां, तो यह कुछ हद तक सही है। विधानसभा चुनाव प्रचार के बाद से राज्य नेतृत्व के साथ भी मतभेद थे।’’ पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने इस पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।

 

Friday, 30 July 2021

हथिनी कुंड के पानी से बाढ़ का खतरा, दिल्ली में अगले 24 घंटे में लाल निशान तक पहुंच सकती है यमुना

 पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश के चलते हथिनी कुंड में बढ़ते पानी को लगातार छोड़ा जा रहा है. यही वजह है कि अभी खतरे के निशान से नीचे चल रही यमुना नदी का पानी अगले 24 घंटे में खतरे के निशान को छू सकता है.

दिल्ली सरकार में जलमंत्री और फ्लड एंड इरिगेशन मिनिस्टर सत्येन्द्र जैन ने कहा कि संभावना है कि अगले 24 से 48 घंटे तक जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच जाएगा. यह निर्भर करता है कि हथिनी कुंड से और कितना पानी छोड़ा जाएगा.



बाढ़ से निपटने तैयार दिल्ली सरकार
मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पूरी तैयारियां की हुई है, अगर फ्लड की स्थिति पैदा होती है तो हम तैयार हैं. जैसे ही यमुना का स्तर खतरे के निशान के पास पहुंचेगा अलर्ट जारी कर दिया जाएगा. लो-लाइन के पास यमुना के किनारे जितने भी इलाके हैं, वह प्रभावित होते हैं. उन इलाकों चिह्नित किया हुआ है, जिसकी लिस्ट भी जारी की जाएगी. सारे डीएम की ड्यूटी लगाई गई है. अभी ऐसी स्थिति नहीं आई है कि फ्लडलाइन के इलाकों को खाली कराया जाए !

गलियों में भरा पानी, निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं
दिल्ली के वजीराबाद क्षेत्र में बीते गुरुवार की दोपहर बाद आई बारिश के बाद गलियों में लबालब पानी भर गया. वजीराबाद क्षेत्र में पानी की निकासी की व्यवस्था न होने के कारण लोगों के घरों में भी पानी भर गया. गलियों में गाड़ियों के आधे टायर डूबे हुए नजर आए. यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी करनाल पहुंच गया है.

यमुना नदी से जुड़े हुए खेतों में पानी पहुंचने से सब्जियों और फसलों को नुकसान हुआ है. किसानों को अपने खेत में फसलों के पास जाने के लिए टयूब का सहारा लेना पड़ रहा है. वहीं किसानों का कहना है फसलें, सब्जियां खराब हो जाती हैं, पर प्रशासन की कोई मदद नहीं मिलती !

पापमोचिनी एकादशी की यहां पढ़ें पावन व्रत कथा, च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी और अप्सरा से जुड़ी है कहानी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत रखने से सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, च...