Friday, 19 February 2021

पेंशन धारकों के लिए बड़ी ख़बर, जल्दी जमा करवाएं ये दस्तावेज़ नहीं तो कट सकती है पेंशन !

 हरियाणा के पेंशन धारकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण ख़बर , समाज कल्याण विभाग ने जारी किया नोटिस , राज्य में बुढ़ापा पेंशन, विधवा पेंशन , विकलांग पेंशन लेने वाले लाभार्थियों को जल्द ही अपना परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड हर जिले के समाज कल्याण विभाग अधिकारी के पास लिंक करवाना है ! जो भी लाभार्थी ऐसा करने में असफल रहते हैं उनकी पेंशन तत्काल रूप से काट दी जा सकती है !


 

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुरुक्षेत्र में जिला समाज कल्याण कुरुक्षेत्र की और से जिला कार्यालय से पेंशन लेने वाले सभी लाभार्थियों से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड की फोटो कॉपी 28 फरवरी तक जमा करवाने को कहा गया है !

 


 


Sunday, 14 February 2021

PM ने देश को दिए स्वदेशी टैंक:नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु में सेना को सौंपे 118 अर्जुन टैंक, 8400 करोड़ की लागत से DRDO ने तैयार किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज तमिलनाडु और केरल के दौरे पर हैं। चेन्नई में उन्होंने 118 हाईटेक अर्जुन टैंक (MK-1A) सेना को सौंप दिए। प्रधानमंत्री ने सलामी भी दी। इस दौरान आर्मी चीफ एमएम नरवणे भी मौजूद रहे। इस टैंक को DRDO ने 8400 करोड़ की लागत से तैयार किया है।

मोदी ने पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। कहा, "कोई भी भारतीय आज का दिन नहीं भूल सकता है। दो साल पहले आज ही के दिन पुलवामा में हमला हुआ था। हम उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं, जिन्होंने उस हमले में अपनी जान गंवा दी थी। हमें अपने सुरक्षा बलों पर गर्व है। उनका साहस आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। आज मैंने देश में बने और डिजाइन किए गए अर्जुन मेन बैटल टैंक देश को सौंपे हैं।'

प्रधानमंत्री ने चेन्नई में कहा, "वणक्कम चेन्नई, वणक्कम तमिलनाडु। ये शहर ऊर्जा और सकारात्मकता से भरा है। यहां जोरदार स्वागत के लिए धन्यवाद। आपके प्यार और स्नेह से अभिभूत हूं। चेन्नई में हमने 3 इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की शुरुआत की। ये प्रोजेक्ट देश के विकास के प्रतीक हैं। ये तमिलनाडु के विकास को दिखाते हैं।'

चेन्नई में इन परियोजनाओं का शुभारंभ किया
- चेन्नई मेट्रो रेल फेज-1 एक्सटेंशन का उद्घाटन हुआ।
- रेलवे इलेक्ट्रिफिकेश का उद्घाटन।
- सेना को अर्जुन मेन बैटल टैंक (MK-1A) सौंपा गया।
- ग्रैंड एनीकट कैनल सिस्टम के रिनोवेशन, एक्सटेंशन और मॉर्डनाइजेशन की आधारशिला रखी गई।

अब कोच्चि में इन योजनाओं की शुरुआत होगी
- कोच्चि में BPCL की 6,000 करोड़ रुपए की प्रोपलीन डेरिवेटिव्स पेट्रोकेमिकल्स परियोजना।
- कोचीन पोर्ट पर 25 करोड़ रुपए की लागत वाले अंतरराष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल सागरिका।
- कोचीन पोर्ट के रिनोवेशन और एक्सटेंशन वर्क की आधारशिला रखेंगे।

 

 

Saturday, 13 February 2021

वैलेंटाइन डे को गल्त मतलब से न लिया जाये ये सिर्फ प्यार इज़हार का प्रतीक !

वैलेंटाइन दिवस या संत वैलेंटाइन दिवस -  एक अवकाश दिवस है, जिसे 14 फ़रवरी को अनेकों लोगों द्वारा दुनिया भर में मनाया जाता है। अंग्रेजी बोलने वाले देशों में, ये एक पारंपरिक दिवस है, जिसमें प्रेमी एक दूसरे के प्रति अपने प्रेम का इजहार वैलेंटाइन कार्ड भेजकर, फूल देकर करते हैं।


ये छुट्टी शुरुआत के कई क्रिश्चियन शहीदों में से दो, जिनके नाम वैलेंटाइन थे, के नाम पर रखी गयी है उच्च मध्य युग में, जब सभ्य प्रेम की परंपरा पनप रही थी, जेफ्री चौसर के आस पास इस दिवस का सम्बन्ध रूमानी प्रेम के साथ हो गया।




ये दिन प्रेम पत्रों के "वैलेंटाइन" के रूप में पारस्परिक आदान प्रदान के साथ गहरे से जुड़ा हुआ है। आधुनिक वैलेंटाइन के प्रतीकों में शामिल हैं दिल के आकार का प्रारूप, कबूतर और पंख वाले क्यूपिड का चित्र.19वीं सदी के बाद से, हस्तलिखित नोट्स की जगह बड़े पैमाने पर बनाने वाले ग्रीटिंग कार्ड्स ने ले ली है।


ग्रेट ब्रिटेन में उन्नीसवीं शताब्दी में वैलेंटाइन का भेजा जाना एक फैशन था और, 1847 में, एस्थर हौलैंड ने अपने वोर्सेस्टर, मैस्साचुसेट्स स्थित घर में ब्रिटिश मॉडलों पर आधारित घर में ही बने कार्ड्स द्वारा एक सफल व्यवसाय विकसित कर लिया था। 


19 वीं सदी के अमेरिका में वैलेंटाइन कार्ड की लोकप्रियता जहां कई वैलेंटाइन कार्ड अब सामान्य ग्रीटिंग कार्ड प्यार की घोषणाओं के बजाय, संयुक्त राज्य अमेरिका में छुट्टियों के भविष्य व्यावसायीकरण के एक अग्रदूत था रहे हैं।


अमेरिका ने ग्रीटिंग कार्ड एसोसिएशन का अनुमान है कि लगभग एक अरब वैलेंटाइन हर साल पूरी दुनिया में भेजे जाते हैं, जिसके कारण क्रिसमस के बाद, इस छुट्टी को कार्ड भेजने वाले दूसरे सबसे बड़े दिवस के रूप में जाना जाता है। एसोसिएशन का अनुमान है कि औसतन अमरीका में पुरुष महिलाओं के मुकाबले दुगना पैसा खर्चा करते हैं। हालाकि, भारतीय संस्कृति में वैलेंटाइन दिवस जैसे दिवस का कोई प्रचलन नहीं है, यह दिवस पूरी तरह से समाज नाशक है। खासतौर से युवाओं पर इसका बहुत नाकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

पापमोचिनी एकादशी की यहां पढ़ें पावन व्रत कथा, च्यवन ऋषि के पुत्र मेधावी और अप्सरा से जुड़ी है कहानी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत रखने से सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, च...